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बुधवार, 18 जुलाई 2012

गायक मन्ना डे को बहुत याद आए राजेश खन्ना


राजेश खन्ना की मौत के बाद अमर उजाला लिखता है कि -
                            राजेश खन्ना के निधन पर शोक जताते हुए महान गायक मन्ना डे ने बुधवार को कहा कि बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार के लिए गाना उनके लिए सम्मान की बात थी।

मन्ना ने कहा, "वह एक महान कलाकार थे, बेशक एक सच्चे महानायक। उनके लिए पाश्र्व गायन करना मेरे लिए सम्मान की बात है। उनके जैसे दुर्लभ कलाकार के साथ मैंने कई फिल्में कीं।"

मन्ना डे ने राजेश खन्ना की फिल्म 'आनंद' (1971) के गाने-जिंदगी कैसी है पहेली, 'बावर्ची' (1972) के-तुम बिन जीवन कैसा जीवन, 'आविष्कार' (1973)-हंसाने की चाह ने कितना मुझे, 'महबूबा' (1976) के-गोरी तेरी पैजनियां' में अपनी आवाज दी थी।

मन्ना ने कहा, "उनके साथ काम करना मेरे लिए एक अविस्मरणीय अनुभव है। उनके लिए गाया मेरा हर गाना सफल रहा। खासकर 'बावर्ची' और 'आनंद' फिल्म का गाना। हम समारोह पर मिला करते थे। वह बातचीत करने के लिए और दोस्ती के लिहाज से अच्छे इंसान थे।"

राजेश खन्ना पर फिल्माए गए 'आनंद' फिल्म के 'जिंदगी कैसी है पहेली' गाने में अपनी आवाज देने वाले गायक मन्ना डे ने कहा, "मुझे उनके गाना फिल्माने का अंदाज पसंद था।

किसी गाने की सफलता इस बात पर निर्भर क रती है कि एक अभिनेता उसे कैसे फिल्माता है। वह गाने के फिल्माने में बेहतरीन थे। मैं कभी भी उनके कर्ज को नहीं उतार पाउंगा।" लंबी बीमारी के बाद राजेश खन्ना का बुधवार को निधन हो गया। वह 69 साल के थे।

जन्मभूमि अमृतसर में रिश्तेदारों के जहन में राजेश खन्ना


राजेश खन्ना की मौत के बाद उनके जन्मभूमि के बारे में अमर उजाला लिखता है कि - 1970 के दशक के बॉलीवुड सुपरस्टार राजेश खन्ना की मातृभूमि अमृतसर में जहां उनका परिवार रहता है, अब एक 'मंदिर' बन गया है। सिखों के इस पवित्र शहर की गली तिवाड़िया के जिस मकान में उनका परिवार रहता है, उसे कई साल पहले राजेश खन्ना ने बनवाया था। उन्होंने वहां एक मंदिर भी बनवाया। 

1970 के दशक में लाखों लोगों के दिलों पर राज करने वाले राजेश इस वर्ष जनवरी में अंतिम बार अपनी जन्मभूमि पर आए थे। वह नई दिल्ली से कांग्रेस के सांसद भी रहे। इस वर्ष की शुरुआत में पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान उन्हें कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार के लिए बुलाया गया था। 

राजेश के पोष्य भाई मुनी चंद खन्ना ने कहा, "वह जब यहां रहते थे, अक्सर क्रिकेट खेला करते थे। वह जब यहां थे, तब एक साधारण लड़का थे और ढेर सारी उपलब्धियां हासिल करने पर भी साधारण जीवन जीते थे।" राजेश खन्ना का जन्म 29 दिसम्बर, 1942 को हुआ था। उन्हें चुन्नी लाल खन्ना और उनकी पत्नी लीला देवी ने गोद लिया था।

मुनी चंद के बेटे वरुण खन्ना ने कहा, "इस साल की शुरुआत में जब वह चुनाव प्रचार के लिए यहां आए थे, तब हम उनसे मिले थे। मुझे याद है कि जब हम छोटे थे, तब अपने पिता के साथ एक बार चाचा राजेश के मुम्बई वाले घर (आशीर्वाद) पर गए थे।" 

राजेश जहां पले-बढ़े, उनके रिश्तेदार अभी भी उसी जगह रह रहे हैं। उनके परिवार ने गुरुवार को होने वाले राजेश के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए मुम्बई जाने के बारे में अभी नहीं सोचा है। 

दिवंगत सुपरस्टार का नाम पहले जतिन था। जब उन्होंने फिल्मों में जाने का फैसला लिया तब उनके चाचा ने उनका नाम बदलकर राजेश रख दिया। इसके लिए उन्होंने चाचा को धन्यवाद दिया था।

1965 में उन्होंने युनाइटेड प्रोड्यूसर्स एंड फिल्म फेयर की ओर से आयाजित अखिल भारतीय प्रतिभा खोज प्रतियोगिता जीती थी। 1966 में फिल्म 'आखिरी खत' के साथ उन्होंने फिल्मी दुनिया में कदम रखा।

उनके दोस्त सतीश खन्ना भी उनके साथ अपनी किस्मत आजमाने फिल्मिस्तान पहुंचे थे। उन्होंने याद किया, "बम्बई (अब मुम्बई) पहुंचने पर हमने तीन दिन एक गुरुद्वारा में गुजारे। वे हमारे लिए मुश्किल भरे दिन थे।"

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2009 के आम चुनाव में राजेश खन्ना को अमृतसर लोकसभा सीट से क्रिकेट खिलाड़ी से राजनेता बने नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस के टिकट की पेशकश की गई थी, जिसे उन्होंने स्वीकार नहीं की।

अंतिम सफर पर निकला बॉलीवुड का सुपरस्टार

अमर उजाला ने उनके अंतिम सफर के बारे में जानकारी देते हुए लिखा है कि 
बॉलीवुड के पहले सुपर स्टार राजेश खन्ना की अंतिम यात्रा उनके घर से शुरू हो गई है। उनके शव को एक खुले ट्रक में रखा गया है। बारिश होने के बावजूद ट्रक के पीछे सुपर स्टार के प्रशंसकों की काफी भीड़ है। 11 बजे उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। अक्षय-ट्विंकल का बेटा आरव राजेश खन्ना को मुखाग्नि देगा।

राजेश खन्‍ना ने बुधवार को लीवर की गंभीर बीमारी से जूझते हुए अपने घर 'आशीर्वाद' में अंतिम सांस ली। राजेश को कुछ दिन पहले ही अस्पताल से छुट्टी मिली थी। लग रहा था कि उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है, लेकिन अचानक फिर उनकी सेहत खराब हुई और डॉक्टरों ने जवाब दे दिया।

आखिरी वक्त में उनके साथ परिवार के लोग मौजूद थे। पत्नी डिंपल कपाड़िया, बेटियां ट्विंकल खन्ना और रिंकी, दामाद अक्षय कुमार काफी समय से उनकी देखभाल कर रहे थे। ‘काका’ के नाम से मशहूर अमृतसर में जन्मे राजेश खन्ना के निधन की खबर से बॉलीवुड और इस सुपर सितारे के चाहने वाले स्तब्ध रह गए।

इसके बाद उनके बंगले ‘आशीर्वाद’ में फिल्मी हस्तियों समेत सैकड़ों लोगों का तांता लग गया। शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने के लिए अमिताभ बच्चन, अभिषेक बच्चन, शाहरुख खान, सलमान खान, प्रेम चोपड़ा, ऋषि कपूर और अनु मलिक पहुंचे। बंगले के बाहर राजेश खन्ना के प्रशंसकों की भीड़ बढ़ती गई। कई प्रशंसकों ने फूट फूट कर रोना शुरू कर दिया। आसानी से महसूस किया जा सकता था कि नई पीढ़ी के बीच भी राजेश खन्ना की लोकप्रियता कम नहीं थी।

राजेश खन्ना के निधन के साथ हिंदी फिल्मों के इतिहास में रोमांस का एक युग खत्म हो गया। उन्होंने दिलीप कुमार, देव आनंद और राज कपूर की रोमांटिक त्रयी और शम्मी कपूर तथा राजेंद्र कुमार जैसे रूमानी नायकों के शिखर के दिनों में अपने करियर की शुरुआत 1965 में की थी।

इन सबके बीच उन्होंने अपने पलक झपकने के अनूठे अंदाज और मोहक मुस्कान से दर्शकों के दिल में सबसे खास जगह बनाई। राजेश खन्ना को यूं ही पहला सुपरस्टार नहीं कहा जाता। 180 से ज्यादा फिल्मों में काम करने वाले इस शानदार अभिनेता ने 1969 से 1972 के बीच अकेले दम पर लगातार पंद्रह सुपर हिट फिल्में दी थीं। यह ऐसा रिकॉर्ड है, जो चार दशक बाद आज भी कायम है।

राजेश खन्ना की मौत पर किसने क्या कहा ...

राजेश खन्ना ने हमें प्रेम करना सिखाया। उन्होंने ही हमें इस अभिव्यक्ति से रू-ब-रू कराया, जिससे हम खुश रहना सीखें। - अभिनेता अनुपम खेर

वो जादू, वो तौर-तरीके! भारतीय सिनेमा पर राजेश खन्ना की छाप बरकरार है और हमेशा रहेगी।--करन जौहर (फिल्म निर्देशक)

जब हम अपने किसी करीबी को खो देते हैं तो हमारे भीतर का कुछ मर जाता है। हमारी पीढ़ी राजेश खन्ना से प्यार करती है। इस सितारे के साथ हम सबके भीतर के कुछ अंशों की मौत हुई है। निर्देशक महेश भट्ट

उनके जैसा सुपरस्टार कोई और नहीं है। मैने उनके साथ दस फिल्में की है। अप्सरा अवार्ड समारोह में उनसे भेंट हुई, उनके मुस्कराहट की चमक तब भी पहले जैसी थी। - शबाना आजमी

राजेश खन्ना के निधन से मुझे अत्यंत दुख पहुंचा है। वह फिल्मी दुनिया के सबसे सफल और सबसे आकर्षक नायकों में से थे। उन्होंने जिन बेहतरीन फिल्मों में काम किया, उनके माध्यम से सदा हमारे साथ रहेंगे। मैं उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं।-मनमोहन सिंह, प्रधानमंत्री

उनकी मुस्कान हमेशा याद आएगी। वह मुस्कान... जिसे देख कर कोई भी मुस्काए बिना नहीं रह सकता था। उनकी फिल्में हमारे युग की दास्तान कहती हैं। जब कभी जिंदगी मुश्किल लगने लगती है, उनकी फिल्में देख कर अहसास होता है कि कैसे प्रेम से सब कुछ बदला जा सकता है।-शाहरुख खान

मैं जानती हूं कि राजेश खन्ना के करोड़ों प्रशंसकों के दिल में कितना दुख होगा। मैं भी बहुत दुखी हूं... देखी जमाने की यारी बिछड़े सभी बारी बारी!- मुमताज, लंदन में

और अमिताभ रो पड़े

अपने पुराने दिनों के साथी राजेश खन्ना के घर पर उनके पार्थिव शरीर को देख कर अमिताभ बच्चन खुद को रोक न सके और रो पड़े। उन्होंने राजेश खन्ना के पैर छुए और पास ही उनकी पत्नी डिंपल कपाड़िया के पास खामोश बैठ गए। उनकी आंखें आंसुओं से तर थीं। अमिताभ 20 मिनट तक वहां ठहरे और फिर उठ कर चुपचाप चले गए।

बाबूमोशाय, जिंदगी और मौत ऊपर वाले के हाथ है जहांपनाह, जिसे ना आप बदल सकते हैं ना मैं। हम सब तो रंगमंच की कठपुतलियां हैं, जिनकी डोर ऊपर वाले की उंगलियों में बंधी हैं। कब कौन कैसे उठेगा, ये कोई नहीं बता सकता। हा हा हा...।
-फिल्म ‘आनंद’ में राजेश खन्ना

सुपरस्टार राजेश खन्ना का अंतिम संस्कार आज


सुपर स्टार राजेश खन्ना के बारे में अमर उजाला लिखता है कि - 
लीवर की गंभीर बीमारी से जूझते हुए बॉलीवुड के पहले सुपर स्टार राजेश खन्ना ने बुधवार को अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे किया जाएगा। अक्षय-ट्विंकल का बेटा आरव राजेश खन्ना को मुखाग्नि देगा।

राजेश को कुछ दिन पहले ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली थी। लग रहा था कि उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है, लेकिन अचानक फिर उनकी सेहत खराब हुई और डॉक्टरों ने जवाब दे दिया।

आखिरी वक्त में उनके साथ परिवार के लोग मौजूद थे। पत्नी डिंपल कपाड़िया, बेटियां ट्विंकल खन्ना और रिंकी, दामाद अक्षय कुमार काफी समय से उनकी देखभाल कर रहे थे। ‘काका’ के नाम से मशहूर अमृतसर में जन्मे राजेश खन्ना के निधन की खबर से बॉलीवुड और इस सुपर सितारे के चाहने वाले स्तब्ध रह गए।

इसके बाद उनके बंगले ‘आशीर्वाद’ में फिल्मी हस्तियों समेत सैकड़ों लोगों का तांता लग गया। शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने के लिए अमिताभ बच्चन, अभिषेक बच्चन, शाहरुख खान, सलमान खान, प्रेम चोपड़ा, ऋषि कपूर और अनु मलिक पहुंचे। बंगले के बाहर राजेश खन्ना के प्रशंसकों की भीड़ बढ़ती गई। कई प्रशंसकों ने फूट फूट कर रोना शुरू कर दिया। आसानी से महसूस किया जा सकता था कि नई पीढ़ी के बीच भी राजेश खन्ना की लोकप्रियता कम नहीं थी।

राजेश खन्ना के निधन के साथ हिंदी फिल्मों के इतिहास में रोमांस का एक युग खत्म हो गया। उन्होंने दिलीप कुमार, देव आनंद और राज कपूर की रोमांटिक त्रयी और शम्मी कपूर तथा राजेंद्र कुमार जैसे रूमानी नायकों के शिखर के दिनों में अपने करियर की शुरुआत 1965 में की थी।

इन सबके बीच उन्होंने अपने पलक झपकने के अनूठे अंदाज और मोहक मुस्कान से दर्शकों के दिल में सबसे खास जगह बनाई। राजेश खन्ना को यूं ही पहला सुपरस्टार नहीं कहा जाता। 180 से ज्यादा फिल्मों में काम करने वाले इस शानदार अभिनेता ने 1969 से 1972 के बीच अकेले दम पर लगातार पंद्रह सुपर हिट फिल्में दी थीं। यह ऐसा रिकॉर्ड है, जो चार दशक बाद आज भी कायम है।

फिर कब मिलोगे...?
राजेश खन्ना-आशा पारेख स्टारर ‘आन मिलो सजना’ (1971) का फिल्मी अंदाज में अलविदा कहने वाला यह गीत रोचक अंदाज में तैयार हुआ था। राजेश खन्ना पहले रिकॉर्ड हुए गीत से नाखुश थे। निर्माता जे ओमप्रकाश से उन्होंने गीत बदलने को कहा। निर्माता ने संगीतकार लक्ष्मीकांत से यह बात कही।

अगले दिन निर्माता और संगीतकार, गीतकार आनंद बख्‍शी से मिले। तय हुआ पहले गीत बनेगा, फिर धुन। दस घंटे की बैठक के बाद भी गीत के बोल नहीं बने। तब अगले दिन मिलने की बात हुई। आनंद बक्षी ने लक्ष्मीकांत से कहा, ‘अच्छा तो हम चलते हैं।’ लक्ष्मीकांत ने कहा, ‘फिर कब मिलोगे?’

यह सुनकर निर्माता ने कहा कि बस... यही गीत की शुरुआत होगी। ये बोल फिल्म में गाने की सिचुएशन पर फिट थे। अगले 25 मिनट में आनंद बक्षी ने गीत लिख दिया। आधी रात तक लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने इसे संगीत में पिरो दिया। उस जमाने में कॉलेज कैंपसों में यह गीत जबर्दस्त लोकप्रिय हुआ।

हिन्दी फिल्मों के पहले सुपर स्टार का निधन

भारतीय फिल्म जगत के पहले सुपर स्टार राजेश खन्ना अब हमारे बीच नहीं रहे। कल राजेश खन्ना के निधन के बाद से ही इलेक्ट्रानिक मीडिया में उनसे संबंधित समाचार लगातार जारी हैं वहीं आज प्रिंट मीडिया भी उनसे संबंधित समाचार से अटे पड़े हैं। राजेश खन्ना की मौत बालीवुड के लिए अपूरणीय क्षति है। आइये जानते हैं राजेश खन्ना के बारे में विभिन्न मीडिया/वेब क्या कहते हैं।